| خرجت بها من بطن مكة، بعدما |
| أصات المنادي للصلاة وأعتما |
| فما نام من راع ولا ارتد سامر |
| من الحي، حتى جاوزت بي يلملما |
| ومرت ببطن الليث تهوي، كأنما |
| تبادر بالإصباح نهبا مقسما |
| وجازت على البزواء، والليل كاسر |
| جناحيه بالبزواء، وردا وأدهما |
| فما ذر قرن الشمس حتى تبينت |
| بعليب نخلا مشرفا ومخيما |