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سهوان : بفتح أوله، وآخره نون، هو فعلان من سها يسهو، ورجل سهوان : موضع أو جبل، قال طهمان :
| فيا لك من نفس لجوج! ألم أكن | | نهيتك عن هذا وأنت جميع؟ | | فدانيت لي غير القريب، وأشرفت | | هناك ثنايا ما لهن طلوع | | وما زال صرف الدهر حتى رأيتني | | أطلى على سهوان كل مريع | | لدى حارثيات يقلبن أعظمي | | إذا نأطت حماي بين ضلوعي |
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